Menu

महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री का नेक काम. बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लोगोंको की मदत.

महाराष्ट्र के सांगली और कोल्हापुर जिले भीषण बाढ़ की चपेट में फसे हुए थे लेकिन इसकी राजनीति करने वालोंकी संख्या भी कुछ कम नहीं है ये बात भी सामने आयी। लेकिन इस कठिन समय पर टिका करने वालोंको नजर अंदाज करते हुए महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रकांत पाटिल इन्होने आपतग्रस्त नागरिकोंको ज्यादा से ज्यादा मदत कैसी की जाये इसका पूरा जायजा लेकर अधिकारीओंको सूचना देते हुए नजर आये. इतनाही नहीं कोल्हापुर जिलेके कई तहसील में वो खुद जाके, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रोंमें पानी में चलके बाढ़ में फसे हुए लोगोंको मिलके स्थलांतरित कैसे किया जा सकता है वो देख रहते। उन्होंने बाढ़ में फसे हुए कई नागरिकोंको भी बचाया है.
%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%b5-%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a4

महाराष्ट्र का सांगली, सतारा और कोल्हापुर जिला आज बड़े पैमाने पर बाढ़ से क्षीतिग्रस्त है. इस इलाके से गुजरने वाली कृष्णा, वरणा और पंचगंगा नदी में भरी बारिश की वजह से बाढ़ अचानक बाढ़ आई. देखते ही देखते आँखों के सामने तेहेस नेहेस होने लगा था. मदत की याचना लोग कर रहेथे। तभी उनकी मदत करने के लिए अपनी जान जोखिम में डालकर महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रकांत पाटिल मैदान में उतरे। भारी बाढ़ के चलते हुए भी लोग अपनी जान जोखिमं में डालकर घरोंसे निकलने के लिए तैयार नहीं थे. तभी चंद्रकांत पाटिलजी ने लोगोंको बाहर निकाल ने के लिए बड़ी पैमाने पर प्रयास किये। क्षतिग्रस्त लोगोंसे बातचीत करते हुए चंद्रकांत पाटिल कुछ भाउक होते भी नजर आये. बाढ़ पीड़ित इलाके में जाकर लोगोंका हौसला बढ़ाके उन्होंने मानवता का दर्शन दिया। खुद वरिष्ठ मंत्री और भाजप के दिग्गज नेता आपतग्रस्त लोगोंकी सहाय्यता के लिए दौड़कर आये है ये देखतेही वहांपे मौजूद अधिकारी और कर्मचारीओंकी बौछाड़ हुई. अधिकारिओं ने भी मदत के लिए देरी न लगाते हुए बाढ़ पीड़ित लोगोंकी सहाय्यता करनी पड़ी ऐसा माहौल था. बाढ़ के असर कुछ कम होने के बाद भी खाना, दवाइयां, पानी, आश्रय स्थान इन जैसे कई दिए जाने वाले आवश्यक सेवाए कैसे दिए जा रहे है उनपर नजर रखे हुए है राजस्व मंत्री चंद्रकांत पाटिल। उनके इस नेक काम का पुरे महाराष्ट्र में चर्चा का विषय बन गया है.

^